Baga Sarahan Tourist Destination पर्यटन एवं धार्मिक स्थल बागा सराहन


                  Tourism Place Baga Sarahan 

                   



बागा सराहन हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के निरमंड ब्लॉक में स्थित है यह रामपुर से 43 किलोमीटर की दूरी पर है।दुनिया की सबसे अद्भुत जगहों में हे बागा सराहन। अगर हिमाचल को सबसे पहले नंबर पर रखा जाए तो इसमें कोई हैरान होने की बात नहीं है । इससे ज़्यादा विशाल विचित्र और महिमा-मई जगह शायदही आपको दुनिया में कहीं मिलेंगी। 



यहां पर एक विशाल मैदान है जो यहां की शोभा को बढ़ाता है प्रत्येक वर्ष यहां पर झिरू कप का आयोजन होता है




शिव शंकर और माता पार्वति का आकर्षित दृश्य श्री खंड़ महादेव के चरणो में बसा है बागा सराहन (ब्रह्मगढ़ )।24 कोठी सिराज और 5 गढ़ के मालिक देवों के देव महादेव देवता गरशाई महाराज जिन्हें अनेकों नामो से जाना जाता है-

बुडा़ सरौहणी 

जलांडी़ महादेव

बडा़ देऊ

शाना ऋषि 

साथ में मौजूद आदिशक्ति माँ #ब्रह्मचुडी़ जो पार्वती का रूप है इनके दर्शन करने से सभी मनोकामनाऐं पूर्ण होती है ।



पर्यटन एवं धार्मिक स्थल बागा सराहन  के ऐतिहासिक  झीरू मेला होता है। यह मेला बैसाखी में मनाया जाता है। मेला मैदान (सौह) मे झीरू मेले के समय ढाई फेरे के समय के छायाचित्र ।

पारंपरिक संस्कृति की झलके


            





पर्यटन एंव धार्मिक स्थल है बागा सराहन 
गाँव में 24 कोठी सिराज और 5 गढ़ के मालिक देवों के देव गढ़पति महादेव देवता बुडा़ सरौहणी (जलांडी महादेव) का भव्य मंदिर है जो गांव की खूबसूरती को प्रतीक करता है । लोगों की सभी मनोकामनाऐं पूर्ण होती है ।
         




तेरी सेवा मेरा कर्म ,तेरी पुजा मेरा धर्म ।
तेरा साथ मेरा विश्वास , मेरी आस्था तेरी प्रार्थना ।।
#जयबूडा़सरौहणी जयमाँब्रह्मचुडी़


पर्यटन एवं धार्मिक स्थल बागा सराहन में अद्धभूत और अकाल्पनिक वृक्ष और( थाच्चेधार ) नामक एक स्थान है जब आप आए तो दर्शन जरूर करें आपको बहुत आनंद आएगा यह बागा मैदान से 1 km आगे घने जंगल के बीचो-बीच है

  



 


बागा सराहन मैदान चारों तरफ घने देवदार के पेडो़ं के बीचो-बीच विराजमान है थाच्चेधार जहाँ समतल मैदान में मौजुद है वो अद्धभूत वृक्ष जो अब पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

   

बागा सराहन मैदान के पिछली तरफ water fall भी मौजूद है। जो यहां की शोभा को बढ़ाता है



बागा सराहन  से 3 किलोमीटर आगे ड़लैर गांव जहां देवता रियासी नाग का मंदिर है यहां पर भी ऐतिहासिक झीरू मेले का आयोजन होता है 

 यहां की कुछ मान्यताएं -

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रियासी नाग बुडी़ नागिन के नौ नागों में से सबसे छोटे नाग हैं इनकी उतपती सरैऊल सौर झील से हुई है। रियासी नाग का मंदिर ढलैर गाँव में है जो कि बागा सराहन पंचायत में आता है।




बागा सराहन की हरी-भरी बादियों और शुद्ध वातावरण के बीच ठहरने और खाने के लिए  खूबसूरत Cottage




ऐतिहासिक एवं सुप्रसिद्ध झीरू मेले में देवता बुडा़ सरौहणी के मंदिर परिसर में ध्वजारोहण के दौरान का दृश्य


  
                                      धन्यवाद। 

पोस्ट अच्छी लगी तो शेयर करें
चंद्रेश














Comments

Post a Comment